चंदौली। माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को वन स्टॉप सेंटर चंदौली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं और पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रशासक दीक्षा अग्रहरी, काउंसलर अल्का, केस वर्कर सुषमा, कंप्यूटर ऑपरेटर इमरान, चालक कौशलेन्द्र यादव, नर्स रेखा व अनीता, महिला आरक्षी रीता यादव व रानी सिंह, मुख्य महिला आरक्षी सरस्वती तथा पीआरडी गार्ड चंद्रशेखर आजाद सहित कुल 11 कर्मचारी उपस्थित मिले।
सचिव ने वन स्टॉप सेंटर की उपस्थिति पंजिका, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था, मेडिकल किट, कमरों, खान-पान, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और बेड आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं उचित एवं समुचित पाई गईं।
श्रीमती निकिता गौड़ ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। केंद्र के माध्यम से पीड़ितों को एफआईआर/डीआईआर दर्ज कराने में सहायता, निशुल्क विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी आश्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। पीड़ित महिलाओं के लिए सामान्यतः पांच दिनों तक रहने की व्यवस्था की जाती है।
उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर परिवार, समुदाय, कार्यस्थल सहित निजी एवं सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्य करता है। किसी भी आपात स्थिति या परेशानी में महिलाएं 24 घंटे सहायता के लिए 181 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकती हैं।

