इलिया शहाबगंज विकासखंड के केराडीह माइनर की बदहाल स्थिति से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सिंचाई के समय नहर की पटरी बार-बार टूटने से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे ठेकहा, बड़गावां और इसरौलिया गांव के किसानों की खेती प्रभावित हो रही है।किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं के अनुसार लेफ्ट कर्मनाशा कैनाल के पचवनियां हेड से निकली केराडीह माइनर की पटरी हेड से करीब 400-500 मीटर पूरब कमजोर होने के कारण पानी के दबाव में बार-बार टूट जाती है। सिंचाई विभाग हर बार मिट्टी डालकर मरम्मत करा देता है, लेकिन समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है। किसान खुद भी मिट्टी से भरी बोरियों के सहारे कई बार बांध बनाकर पानी रोकने का प्रयास कर चुके हैं।सबसे बड़ी समस्या यह है कि माइनर से महज डेढ़ किलोमीटर तक ही पानी पहुंच पाता है। आगे के किसानों को सिंचाई के लिए निजी संसाधनों और बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है।किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता जयप्रकाश और अवर अभियंता से स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने टूटने वाले स्थान पर करीब 100 मीटर तक पक्की लाइनिंग कराने की मांग उठाई, ताकि नहर का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सके।इस दौरान महबूब आलम, मान सिंह, सोहराब खान, सुरेश मौर्य सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

