इलिया। लगातार हो रही बारिश के बीच शहाबगंज विकासखंड के कई गांवों में जलप्लावन से हालात गंभीर हो गए हैं। खिलची, घोड़सारी, बरियारपुर, इमिलिया, हड़ौरा, पस्थुआं, जिगिना, कवलपुरवां और रजडीहां समेत कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूब गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर बंधी डिवीजन के अवर अभियंता अजेश्वर सिंह, सहायक अभियंता हीरालाल यादव और अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद को वीडियो क्लिप के माध्यम से मौके की स्थिति से अवगत कराया।
किसान विकास मंच के मुताबिक सीहर, बेन, लेहरा, बिशुनपुरवां, कलानी, धनरियां और नेनवां समेत कई इलाकों का पानी खिलची ड्रेन में पहुंचता है। आरोप है कि ड्रेन के निचले हिस्से में करीब ढाई किलोमीटर तक सफाई नहीं होने से वह मिट्टी और झाड़-झंखाड़ से पट गई है। इससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही है और जलस्तर बढ़ने पर पानी आसपास के खेतों और गांवों में फैल रहा है।
ड्रेन के दोनों ओर बने तटबंध भी पर्याप्त ऊंचे नहीं होने के कारण पानी खेतों में फैल गया है। किसानों के अनुसार हजारों बीघे धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ड्रेन की पूरी सफाई और तटबंधों को ऊंचा व मजबूत नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वहीं, किसान विकास मंच के प्रवक्ता जयनाथ सिंह ने घोड़सारी, इमिलिया, पहाड़पुर, मसोई और केरायगांव सहित प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। केरायगांव में रेगुलेटर का गेट जाम होने से पानी की निकासी बाधित थी। बंधी डिवीजन के कर्मचारियों और ग्रामीणों के सहयोग से जाम गेट को खुलवाया गया, जिसके बाद जलनिकासी शुरू हो सकी।
किसान विकास मंच ने बंधी डिवीजन के अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत प्रतिनिधियों से जलप्लावन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्काल सामूहिक पहल की मांग की है। मंच ने ड्रेन की शेष सफाई, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा तटबंधों को ऊंचा और मजबूत करने की मांग की है।
इस दौरान जयनाथ सिंह, राम अवध सिंह, पारसनाथ, नीरज कुमार, संजय सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

