चंदौली। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में पूर्व सैनिकों, फौजियों और देशभक्त युवाओं ने भव्य तिरंगा यात्रा निकालकर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अलीनगर से प्रारंभ हुई यह यात्रा काली मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा के समापन पर उपस्थित लोगों ने कारगिल के वीर शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश दिव्यांग प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. उत्तम ओझा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कारगिल विजय दिवस देश के गौरव का प्रतीक
पूर्व सैनिक सेवा परिषद, काशी प्रांत के संगठन मंत्री डॉ. के.एन. पांडेय ने कहा कि कारगिल विजय दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान द्वारा कारगिल-द्रास क्षेत्र में की गई घुसपैठ का भारतीय सेना ने अदम्य साहस और वीरता के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया। विषम परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संदेश
डॉ. पांडेय ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना ही नहीं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, देशसेवा और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त करना भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और युवा रहे उपस्थित
इस तिरंगा यात्रा में डॉ. ए.के.एन. पांडेय, सदानंद दुबे, संजय पांडेय, डीसी तिवारी, अनिल ओझा, कैप्टन विनोद कुमार उपाध्याय, कैप्टन बालशरण, सरजीत, संतोष तिवारी, एयर फोर्स के राहुल पांडेय, अविनाश पांडेय, सत्यम मिश्रा, संदीप मिश्रा, अखिलेश तिवारी, अनुज उपाध्याय, मनीष यादव, गौरव तिवारी, गुड्डू, सूबेदार मेजर शरीफ साहब, आशीष पांडेय, उदयभान पांडेय, एस.एन. पांडेय, नीरज तिवारी, अजय पांडेय, मनीष तिवारी तथा रितेश खरवार सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, फौजी, युवा एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का उत्साह, तिरंगे के प्रति सम्मान और शहीदों के प्रति श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उपस्थित सभी लोगों ने कारगिल के वीर सपूतों के बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।



