चंदौली/20 अगस्त 2026। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने गुरुवार को संयुक्त रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय धौरहरा तथा प्राथमिक विद्यालय धौरहरा का औचक निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर एवं बौद्धिक क्षमता को परखा।
इस दौरान बच्चों ने भी उत्साह के साथ अधिकारियों से डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस तथा सेना में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करने के संबंध में सवाल पूछे। अधिकारियों ने बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शयन कक्ष, साफ-सफाई, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद रसोईघर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता देखी और मीनू के अनुसार भोजन तैयार कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मिड-डे मील में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए तथा विद्यालय परिसर में स्वच्छता और पेयजल की समुचित व्यवस्था बनी रहे। शिक्षक केवल उपस्थिति तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों के बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दें।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त नियमित रूप से जारी रहेगी। उन्होंने बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में 112 और 1090 हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय प्रशासन को सुरक्षा संबंधी सभी उपकरणों को कार्यशील रखने और बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार को निर्देशित किया कि वे स्वयं तथा खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से क्षेत्र के विद्यालयों की नियमित औचक मॉनिटरिंग कराएं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों के निराकरण की प्रगति रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

