रिपोर्ट: रघु बिंद
चंदौली। चहनियां क्षेत्र के महमदपुर गांव से रइया गांव तक जाने वाले सड़क मार्ग की दोनों पटरियों पर जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे सफाई एवं मिट्टी भराई कार्यों में अनियमितता और फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों और प्रधान प्रतिनिधि ने आरोप लगाया है कि कार्य केवल कागजों पर दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर कोई मजदूर कार्य करता नजर नहीं आ रहा।
ग्रामीणों के अनुसार महमदपुर से रइया बॉर्डर तक पीच सड़क के दोनों ओर सफाई और मिट्टी भराई का कार्य मनरेगा योजना के तहत कराया जाना है। इस कार्य पर लाखों रुपये खर्च होने का अनुमान है। आरोप है कि मस्टर रोल में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि स्थल पर निर्धारित संख्या में मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
प्रधान प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने बताया कि योजना के तहत प्रतिदिन 20 से 25 मजदूरों से कार्य कराया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर एक भी मजदूर काम करता नहीं दिखा। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी कार्यस्थल का स्थलीय निरीक्षण करें तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और अनियमितताओं का खुलासा हो जाएगा। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहीं तो योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। इसलिए सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।



