चंदौली, 29 जुलाई।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं तथा शैक्षणिक प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, बाउंड्री वॉल और रसोईघर जैसी मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निपुण भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला समन्वयकों और एआरपी को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में परिषदीय विद्यालयों में नामांकन लक्ष्य से कम मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। धानापुर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए उनसे तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। अन्य बीईओ को भी चेतावनी देते हुए नामांकन बढ़ाने और कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। बरहनी बीईओ की खराब प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए डेटा एंट्री का कार्य तत्काल पूरा कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय हंडा के निर्माण कार्यों में देरी पर कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर नाराजगी जताई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में तेजी लाने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



